उल्फत - एक गज़लनुमा गीत
उल्फत
जीवन में ना साथ
तुम्हारा
ये उल्फत को ना होगा
गवारा
भटक जाउँ जीवन की
राह से
ढूंढता हुआ तुम्हें
हो जाउँ आवारा
तुमको भी कैसे होगा
ये गवारा
कहा है किसी ने इश्क
पर जोर नहीं
है मुझे भी इस बात
का यकीं
जीना मरना होगा साथ
हमारा तुम्हारा
जीवन में न हो साथ
तुम्हारा
ये उल्फत को ना होगा
गवारा
(मेरी मोहब्बत में ही कशिश न थी
वर्ना नहीं तो क्या
तुम बेवफा थे)

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