आँख - ग़ज़लनुमा एक गीत
आँख
क्या खबर थी इस तरह
तूं बेवफा होगी
छोड़ दोगी साथ
मोहब्बत भरा
तोड़ दोगी दिल उल्फत
भरा
इस तरह मोहब्बत रुसवा होगी
(क्या खबर थी)-2 इस
तरह तूं बेवफा होगी
होश आया तो पता चला
मुझको
आशिकी थी ही नहीं
शरारत भर थी
क्या खबर थी इस तरह
तूं बेवफा होगी
फिर इस तरह कभी मुलाकात
होगी
आँख मिलेगी और
मुस्करा दोगी
(क्या खबर थी)-2 इस
तरह तूं बेवफा होगी
बहुत समझाया दिल को
ज़ख्म भरा ही नहीं
सोचा ही नहीं तूने
क्या हालत मेरी होगी
क्या खबर थी इस तरह
तूं बेवफा होगी

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