अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989
अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 1989 का संख्याक 33 (यथा-संशोधित) अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 1989 का संख्याक 33 (यथा-संशोधित) (11 सितम्बर, 1989) अनुसूचित जातियों तथा अनुसूचित जनजातियों के लोगों के विरुद्ध किए गए अत्याचारों के अपराधों के निवारण के लिए, इस प्रकार के अपराधों के मुदकमों के लिए [1] (विशेष न्यायालयों और अनन्य विशेष न्यायालयों) तथा इस प्रकार के अपराधों के पीड़ितों को राहत देने व पुनर्वास के लिए और उनसे जुड़े अथवा उनसे आनुषंगिक मामलों के लिए प्रावधान करने हेतु अधिनियम। भारत गणराज्य के चालीसवें वर्ष में संसद द्वारा निम्नलिखित रूप से यह अधिनियमित हो :- अध्याय I प्रारंभिक 1. संक्षिप्त नाम, विस्तार और प्रारंभ – (1) इस अधिनियम को अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 कहा जाएगा। (2) इसका विस्तार जम्मू और कश्मीर राज्य को छोड़कर संपूर्ण भारत तक रहेगा।...